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जब लू लग जाà¤, तो कीजिठ10 उपाय
वैसे तो गरà¥à¤®à¥€, धूप और लू से बचने के लिठआप कई तरह से सतरà¥à¤• रहते हैं और इनसे बचने का पूरा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ करते हैं। लेकिन इन सà¤à¥€ के बावजूद अगर आपको लू लग जाà¤, या फिर शरीर में गरà¥à¤®à¥€ अधिक बढ़ जाने पर आप बीमार महसूस करें, तो यह उपाय आपको जरूर आजमाने चाहिठ-
अपनी राशि से जानें, सेहत समसà¥à¤¯à¤¾ और उपाय
1 खà¥à¤²à¥‡ शरीर धूप में न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो धूप में निकलने पर सिर अवशà¥à¤¯ ढंके। आंखों पर सनगà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ लगाà¤à¤‚ और हो सके तो सफेद या हलà¥à¤•े रंग के कॉटन के कपड़े ही पहनें।
2 अचानक ठंडी जगह से à¤à¤•दम गरà¥à¤® जगह ना जाà¤à¤‚। खासकर à¤à¤¸à¥€ में बैठे रहने के बाद तà¥à¤°à¤‚त धूप में ना निकलें। कचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ रोज खाà¤à¤‚। धूप में निकलने पर अपने पॉकेट में छोटा सा पà¥à¤¯à¤¾à¤œ रखें, यह लू शरीर को लगने नहीं देता और सारी गरà¥à¤®à¥€ खà¥à¤¦ सोख लेता है।
लू लगने के 8 बड़े लकà¥à¤·à¤£, जरूर जानिà¤
3 जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिà¤à¤‚। जिससे पसीना आकर शरीर का तापमान नियमित निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हो सके तथा शरीर में जल की कमी न हो सके। अधिक गरà¥à¤®à¥€ में मौसमी फल, फल का रस, दही, मठà¥à¤ ा, जीरा छाछ, जलजीरा, लसà¥à¤¸à¥€, आम का पना पिà¤à¤‚ या आम की चटनी खाà¤à¤‚।
4 लू लगने पर ततà¥à¤•ाल योगà¥à¤¯ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाने के पूरà¥à¤µ कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार करने पर à¤à¥€ लू के रोगी को राहत महसूस होने लगती है।
5 बà¥à¤–ार तेज होने पर रोगी को ठंडी खà¥à¤²à¥€ हवा में आराम करवाना चाहिà¤à¥¤ 104 डिगà¥à¤°à¥€ से अधिक बà¥à¤–ार होने पर बरà¥à¤« की पटà¥à¤Ÿà¥€ सिर पर रखना चाहिà¤à¥¤
6 रोगी को तà¥à¤°à¤‚त पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का रस शहद में मिलाकर देना चाहिà¤à¥¤ रोगी के शरीर को दिन में चार-पांच बार गीले तौलिठसे पोंछना चाहिà¤à¥¤ चाय-कॉफी आदि गरà¥à¤® पेय का सेवन अतà¥à¤¯à¤‚त कम कर देना चाहिà¤à¥¤
7 पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठनींबू के रस में मिटà¥à¤Ÿà¥€ के घड़े अथवा सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ के पानी का सेवन करवाना चाहिà¤à¥¤ बरà¥à¤« का पानी नहीं पिलाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे लाठके बजाठहानि हो सकती है।
8 कैरी का पना विशेष लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। कचà¥à¤šà¥‡ आम को गरम राख पर मंद आंच वाले अंगारे में à¤à¥à¤¨à¥‡à¤‚। ठंडा होने पर उसका गूदा (पलà¥à¤ª) निकालकर उसमें पानी मिलाकर मसलना चाहिà¤à¥¤ इसमें जीरा, धनिया, शकर, नमक, कालीमिरà¥à¤š डालकर पना बनाना चाहिà¤à¥¤ पने को लू के रोगी को थोड़ी-थोड़ी देर में दिया जाना चाहिà¤à¥¤
9 जौ का आटा व पिसा हà¥à¤† पà¥à¤¯à¤¾à¤œ मिलाकर शरीर पर लेप करें तो लू से तà¥à¤°à¤‚त राहत मिलती है। जब रोगी को बाहर ले जाà¤à¤‚, तो उसके कानों में गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल मिलाकर रूई के फाहे लगाà¤à¤‚। रोगी की नाà¤à¤¿ पर खड़ा नमक रखकर उस पर धार बांध कर पानी गिराà¤à¥¤ सारी गरà¥à¤®à¥€ à¤à¤¡à¤¼ जाà¤à¤—ी।
10 मरीज के तलवे पर कचà¥à¤šà¥€ लौकी घिसें, इससे सारी गरà¥à¤®à¥€ लौकी खींच लेगी और तà¥à¤°à¤‚त राहत मिलेगी। लौकी कà¥à¤®à¥à¤¹à¤²à¤¾ जाठतो समà¤à¥‡à¤‚ कि लू की गरà¥à¤®à¥€ उतर रही है। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बार-बार दोहराà¤à¤‚।
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